
भाजपा की सत्ता होने के बावजूद गडचिरोली के विकास के बारह बजे : विजय वडेट्टीवा
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
गडचिरोली : बारह साल से भाजपा की सत्ता होने के बावजूद गडचिरोली जिले के विकास के बारह बजे हुए हैं। सत्ताधारी बड़े-बड़े ठेके मैनेज कर टक्केवारी के राजकारण में व्यस्त हैं, यह आरोप कांग्रेस विधिमंडल दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने शुक्रवार (28 अगस्त) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया।
वडेट्टीवार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस कोठी-कोरनार पुल का उद्घाटन किया था, वह महज तीन साल में बह गया। इससे साफ है कि बुनियादी सुविधाओं के कामों की गुणवत्ता बेहद घटिया है। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत खराब है, सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर और प्रोफेसरों के पद खाली हैं। पालकमंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री को एक दिन गडचिरोली आकर यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारनी चाहिए।
उन्होंने अनुदानित आश्रमशाला में तीन छात्राओं की सर्पदंश से मौत का जिक्र करते हुए कहा कि जपतलाई गांव तक जाने के लिए अच्छी सड़क तक नहीं है और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में दवा तक नहीं मिलती। अनुदानित और सरकारी आश्रमशालाओं को दिए जाने वाले अनुदान में बड़ा अंतर है, दोनों को समान अनुदान मिलना चाहिए। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए 25 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएं तो व्यवस्था में सुधार हो सकता है।
कोईंदूळ की गर्भवती के विषय पर हमला
एटापल्ली के कोईंदूळ में गर्भवती महिला को नाले के बाढ़ के पानी में से खाट पर ले जाने की खबर पर वडेट्टीवार ने कहा कि रक्षाबंधन पवित्र त्योहार है, बहन भाई को राखी बांधकर प्यार जताती है और भाई उसकी सुरक्षा की गारंटी देता है। लेकिन उसी दिन एक गर्भवती बहन को नाले में से जान हथेली पर लेकर जाना पड़े और सत्ताधारी खुद को भाई कहें, तो उन्हें सोचना चाहिए कि उन्होंने बहनों को क्या दिया।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सत्ताधारियों को बहनों की सुरक्षा की चिंता और उनके दर्द का एहसास है? किसी भी गर्भवती को बाढ़ में से सफर न करना पड़े, इतनी संवेदनशीलता तो रखनी ही चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक रामदास मसराम, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज गुड्डेवार, पूर्व नगराध्यक्ष राम मेश्राम सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।






